Jana Gana Mana [Jagjit Singh] Full Lyrics
जन-गण-मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
पंजाब, सिन्धु, गुजरात, मराठा
द्रविड, उत्कल, बंग
विंध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्छल जलधि तरंग
तब शुभ नामे जागे
तब शुभ आशिष माँगे
गाहे तब जय गाथा
जन-गण-मंगलदायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
जय हे, जय हे, जय हे
जय, जय, जय, जय हे